• The Day I Met You

    I see him and his ruffled hair, his shirt is unbuttoned, I look at him salaciously right from his melancholic eyes, to his lips and down to his neck around his collar, unbuttoned shirt, and right down the third button where I can’t see any skin. He is immersed in the taste of my wine looking at the picture hung on the wall.

  • Part 11

    Weekend कब ख़त्म हुआ, पता ही नहीं चला। Friday की उस रात के बाद मैंने कई बार खुद को समझाया कि मैं बेवजह ज़्यादा सोच रहा हूँ। Office parties में लोग पी लेते हैं, बहस कर लेते हैं, emotional हो जाते हैं, फिर Monday आते-आते सब कुछ पहले जैसा हो जाता है। शायद इस बार…

  • Part 10

    मैं अभी भी उसकी WhatsApp DP देख रहा था।एक बिल्कुल Normal-सी photo.ना कोई pose.ना कोई filter.फिर भी…उसे देखते ही मैं सीधे उस शाम में पहुँच गया। Amsterdam से वापस आए मुझे मुश्किल से चार-पाँच दिन हुए थे। Jet lag अभी पूरी तरह गया नहीं था। दिन में नींद आती थी और रात को आँख खुल…

  • Part 9

    Rukhsaar ने मुझे घर drop किया। मैं गाड़ी से उतरने ही वाला था कि उसने इंजन बंद कर दिया और मेरी तरफ देखकर मुस्कुरा दिया। “क्या हुआ?” मैंने उसकी तरफ देखा। “क्या?” “आज कुछ ज़्यादा ही मुस्कुरा रहा है।” मैं हँस दिया। “ऐसा?” “हाँ। बता… कौन मिल गया?” मैंने सिर सीट से टिकाकर एक लंबी…

  • Part 8

    लोग कहते हैं… शहर बदलने से इंसान बदल जाता है। मुझे उस वक्त भी इस बात पर यकीन नहीं था, आज भी नहीं है। शहर सिर्फ address बदलते हैं। आदतें… वो suitcase में साथ चली आती हैं। कंपनी ने onsite भेजने का offer दिया। Amsterdam. दो साल का project. Office में सब excited थे। “मस्त…

  • Part 7

    Kusha की शादी का invitation मुझे WhatsApp पर नहीं मिला। उसका phone आया। उसने सीधा कहा, “मेरी शादी है।” मैंने पूछा, “कब?” उसने जवाब दिया, “अगला Sunday।” और फिर कहा, “आना।” ना उसने force किया, ना emotional हुई, बस… “आना।” मैंने बिना सोचे कहा, “ज़रूर।” और Call cut हो गया। मैं काफी देर तक phone…

  • Part 6

    ज़िंदगी को शायद मेरी बात बुरी लग गयी थी, क्योंकि उसके कुछ ही महीने बाद… सब कुछ बदलना शुरू हो गया। सबसे पहले Kusha एक दिन उसने message किया— “आज मत मिलना।” मैंने सिर्फ “Okay” reply कर दिया। अगले दिन भी कोई message नहीं। फिर तीसरे दिन, फिर पूरा हफ्ता। मैंने call नहीं किया, उसने…

  • Part 5

    उस दिन के बाद Mayank का नाम हमारे बीच कभी-कभी आने लगा। मैं उसके बारे में ज़्यादा नहीं पूछता था और Kusha भी ज़्यादा बताती नहीं थी। लेकिन कुछ कहानियाँ होती हैं… जो बिना पूछे भी धीरे-धीरे खुल जाती हैं। एक शाम हम दोनों office के बाहर वाली टपरी पर बैठे थे। उसके हाथ में…

  • Part 4

    शायद इसीलिए… जब Office में पहली बार Kusha से बात हुई… तो मुझे लगा ही नहीं था कि वो मेरी ज़िंदगी का इतना लंबा chapter बन जाएगी। Kusha हमसे लगभग दो साल senior थी। पहली नज़र में ही समझ आ जाता था कि वो उन लोगों में से नहीं है जो हर किसी से दोस्ती…

  • Part 3

    Poem खत्म हुई। Room में दो second की खामोशी छायी रही। फिर तालियां बजने लगीं। किसी ने “Nice!” कहा। किसी ने “Beautiful!” बोला। HR ने मुस्कुरा कर कहा, “That was lovely.” Ananya बस “Thank you” कहकर बैठ गई। जैसे उसने कोई ख़ास बात की ही ना हो। मैं उसे देख रहा था। Poem याद नहीं…

  • Part 2

    First Day Corporate offices का एक अजीब talent होता है। शहर बदल जाता है। Building बदल जाती है। Company का नाम बदल जाता है। लेकिन induction room… हमेशा एक जैसा होता है। सफ़ेद दीवारें। Glass के cabins। एक projector जो शुरू होने से पहले ही hang हो जाता है। Plastic की पानी की bottles। और…