• The Day I Met You

    I see him and his ruffled hair, his shirt is unbuttoned, I look at him salaciously right from his melancholic eyes, to his lips and down to his neck around his collar, unbuttoned shirt, and right down the third button where I can’t see any skin. He is immersed in the taste of my wine looking at the picture hung on the wall.

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    RCB

    आज तुम बहुत खुश होगे…RCB आखिरकार जीत गई। मुझे याद है, एक बार तुमने मुझे एक Reel भेजी थी —“महिला मित्र को भेज देता हूँ, क्या पता दिला दे…”और बात RCB की Jersey की हो रही थी। तब मैंने सच में सोचा था कि तुम्हारे लिए वो Jersey मंगवा दूँगी। अब IPL खत्म हो गया…

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    तुझको

    क्या थी मैं…जो एक दिन, एक पल भीतुमसे बात किए बिना नहीं रह पाती थी। और क्या हो गई हूँ आज…कि चालीस दिन बीत गए,और मैं अब भी ज़िंदा हूँ। याद है?कैसे मैं खुद को रोकती थी,तुम्हारे मैसेज ignore करती थी,बार-बार…सिर्फ इसलिए क्योंकि मुझे डर था—अगर एक बार तुम्हारी तरफ पूरी तरह मुड़ गई,तो फिर…

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    अकेला

    कल फिर तुम्हारी याद में मैंने बहुत शराब पी।सुबह से लेकर शाम तक… हर घूंट में बस तुम्हारा नाम था।ऐसा लग रहा था जैसे शराब नहीं, तुम्हारी कमी उतर रही हो मेरे अंदर। दिल के अंदर जैसे कोई दीवार लगातार टूट रही थी।तुम्हारे नाम का हर अक्षर सीने पर खुदता जा रहा था।कानों में शोर…

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    Pain

    There are some heartbreaks that don’t just hurt the heart. They enter your thoughts, your body, your breathing, your sleep. They stay in your voice when you speak and in your silence when you don’t. I never knew a person could feel this much pain and still continue living every day as if nothing happened….

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    ऐतबार

    कभी कभी दिल चाहता है तुमसे पूछूँ —कैसा रहा यह एक महीना?क्या क्या हुआ इस एक महीने में?क्या तुमने कुछ ऐसा किया जिससे तुम्हें खुशी मिली?कुछ नया हुआ?कुछ अच्छा लगा? कैसे रह लूँ जाने बिना तुम्हारी हर बात?आदत बन गए थे तुम।जिस दिन तुम नहीं दिखते थे ना,मैं उस दिन को गिनती ही नहीं थी।…

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    अजनबी

    आज फिर तुम्हारी याद ने मुझे हर जगह से घेर लिया। दारु भी पी ली तुम्हें भूलाने के लिए…एकदोतीनचार दर्द बढ़ने लगा,आंसू बहने लगे। सोचा था शायद कुछ देर के लिए दिल हल्का हो जाएगा।पर यादें शराब से नहीं धुलतीं।वो और गहरी हो जाती हैं। मैं आज तुम्हें भूलने गई थी,लेकिन हर दीवार पर वही…

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    तारे

    तुम्हारे नज़रिए से सोचती हूँ तो समझ नहीं आता तुम्हें कैसा लगा होगा। मैं शायद ज़्यादा सोचती हूँ… इसलिए वही लिख रही हूँ जो दिल में है, जो बाहर आ ही नहीं पा रहा। हर वक़्त तुम्हें देखने का मन करता है। तुम्हें अपनी बाँहों में भरकर सुलाने का मन करता है। तुम्हारे पूरे चेहरे…

  • White

    Some people enter your life so quietly,yet leave behind storms that never truly end. And then there are people like youwho becomes a season inside someone’s soul. I often wonder how people survive the waiting.How they move through ordinary morningswhile carrying an extraordinary ache.Because every day, despite everything,My heart still wakes up with hope.A fragile,…

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    मोह

    हाय… इतने दिनों बाद तुम्हें देखकर कितना सुकून आया।तुम्हारी हँसी… पता नहीं क्या बातें कर रहे थे तुम अपने office वाले दोस्तों के साथ, पर यही तो मिस कर रही थी मैं — तुम्हारा यूँ खिलखिलाना, दोस्तों के साथ ऐसे खो जाना जैसे दुनिया में कोई बोझ ही ना हो, जैसे सब ठीक हो, सब…

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    मनोवेग

    एक अव्यक्त मनोवेग थाजो उस रात के पश्चातमेरे भीतर निरंतर गूंजता रहा। सब कुछ सामान्य था—उसका सान्निध्य,उसका स्पर्श,उसकी सहज उपस्थिति भी।फिर भीमेरे अंतर्मन मेंएक अजीब-सी रिक्तता उतर आई थी,मानो किसी ने दीप तो जलाया हो,पर ऊष्मा देना भूल गया हो। मैं बहुत देर तकउस क्षण का अर्थ खोजती रही।क्या कमी थी?कौन-सा भावमेरे हृदय तक पहुँचने…